FD पर लोन लेकर जोखिम मुक्त निवेश का स्मार्ट तरीका: Worst-Case कैलकुलेशन और 6 साल का लाभ

FD पर लोन लेकर जोखिम मुक्त निवेश का स्मार्ट तरीका: Worst-Case कैलकुलेशन और 6 साल का लाभ

नमस्ते दोस्तों!

क्या आपके पास एक बड़ी एकमुश्त राशि है जिसका आप निवेश करना चाहते हैं, लेकिन एक ही बार में सारा पैसा लगाने से डर लगता है? यह डर बिल्कुल स्वाभाविक है, क्योंकि एक ही जगह पर सारा पैसा निवेश करने से जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में, यदि बाज़ार में गिरावट आती है, तो आपके पैसे का एक बड़ा हिस्सा डूब सकता है।
🔥 एक बहुत बड़ा सवाल: भारत में 99% निवेशक क्या गलती कर रहे हैं?
वे सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे अपनी FD को केवल एक निष्क्रिय सुरक्षा कवच मानते हैं, जबकि वह उनका सबसे शक्तिशाली और अनलॉक करने योग्य बैकअप प्लान है।
इस बैकअप प्लान को पूरी गहराई से समझने और अपने निवेश में लागू करने के लिए, आपको यह पूरा ब्लॉग अवश्य पढ़ना चाहिए।
🚨 अस्वीकरण: यह व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं है 🚨
लेखक एक प्रमाणित SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार (Certified Financial Advisor) नहीं है। यह सामग्री केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।
ईमानदारी का नोट: हम मानते हैं कि यह ब्लॉग काफ़ी लंबा है, लेकिन इसकी लंबाई इसमें शामिल महत्वपूर्ण और आवश्यक गणनाओं के कारण है। हम आपके सामने कोई भी ज़रूरी जानकारी छुपाना नहीं चाहते हैं, ताकि आप इस रणनीति को अपनाकर निवेश की ओर एक सही कदम बढ़ा सकें।
एक महत्वपूर्ण अनुरोध: हो सकता है कि आपका अनुभव हमसे ज़्यादा हो और आप पहले से ही बहुत कुछ जानते हों, लेकिन निवेश के मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। लेखक ने इस विषय पर बहुत मेहनत की है, क्योंकि वह जानता है कि आधा-अधूरा ज्ञान उतना ही घातक है जितनी कि कोई जानकारी न होना।
इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप जोखिमों और शर्तों को पूरी तरह समझ लें, कृपया इस पूरे ब्लॉग को अवश्य पढ़ें।
इस ब्लॉग में FD (7%) और FD लोन (9%) पर लगने वाली दरें बैंक द्वारा निर्धारित निश्चित दरें मानी गई हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड/शेयर बाज़ार की 15% रिटर्न दर ही अनुमानित है और बाज़ार जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का वित्तीय फैसला लेने से पहले, व्यक्तिगत सलाह के लिए किसी प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श लेना अनिवार्य है।

लेकिन क्या हो अगर हम आपको एक ऐसा तरीका बताएँ जहाँ आपका मूलधन (Principal Amount) पूरी तरह से सुरक्षित रहे, और आप फिर भी शेयर बाज़ार या म्यूचुअल फंड की ग्रोथ का फ़ायदा उठा सकें?
यह एक बहुत ही स्मार्ट और जोखिम मुक्त रणनीति है, खासकर उन लोगों के लिए जो जोखिम लेना पसंद नहीं करते, लेकिन फिर भी अपने निवेश को बढ़ाना चाहते हैं।

यह तरीका कैसे काम करता है?

इस तरीके का मूल मंत्र है: सुरक्षा पहले, ग्रोथ बाद में।
यह प्रक्रिया बहुत सीधी है:
 * अपनी पूरी राशि को FD में निवेश करें: सबसे पहले, आप अपनी पूरी एकमुश्त राशि को किसी बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) में निवेश कर दें। FD को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, जहाँ आपका पैसा 100% सुरक्षित रहता है और उस पर आपको पूरे कार्यकाल के लिए निश्चित ब्याज मिलता रहता है।
 * FD पर लोन लें: अब आप अपनी FD के बदले लोन लें। बैंक आमतौर पर आपकी FD की राशि का 80% से 90% तक लोन दे देते हैं। (ध्यान दें कि आपका लोन कभी भी आपकी FD के कुल मूल्य से अधिक नहीं हो सकता, यह इसकी सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।) इस लोन पर ब्याज दर FD पर मिलने वाले ब्याज से थोड़ी ज़्यादा होती है, लेकिन यह पर्सनल लोन की तुलना में बहुत कम होती है।
   * 🛑 महत्वपूर्ण कानूनी चेतावनी: नाबालिग (Minor) के नाम पर खोली गई FD पर आपको लोन (Loan Against FD) की सुविधा नहीं मिलती है। यह रणनीति तभी काम करेगी जब FD आपके नाम पर खुली हो।
 * लोन की राशि को निवेश करें: अब आप इस लोन की राशि को धीरे-धीरे या एकमुश्त रूप में म्यूचुअल फंड या शेयर बाज़ार में निवेश करें। यहाँ आपका लक्ष्य लंबी अवधि में उच्च रिटर्न कमाना है।

💡 निवेश का विकल्प

अगर आप कम जोखिम के साथ FD का उपयोग करना चाहते हैं और लोन नहीं लेना चाहते, तो पहले हमारा FD ब्याज से SIP कैसे करें वाला आसान और सुरक्षित तरीका यहाँ पढ़ें: [FD ब्याज से SIP कैसे करें: कम जोखिम में ज़्यादा रिटर्न पाने का स्मार्ट तरीका]

FD पर लोन लेकर ₹32 लाख कैसे कमाएं: एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए आपके पास ₹5 लाख की राशि है।
 * FD में निवेश: आप ₹5 लाख को 7% सालाना ब्याज वाली FD में रखते हैं।
 * FD पर लोन: आप बैंक से अपनी FD के बदले ₹4.5 लाख का लोन लेते हैं। इस लोन पर निश्चित (Fixed) ब्याज दर 9% सालाना है। (यह दर बाज़ार के उतार-चढ़ाव से अप्रभावित रहती है।)
 * निवेश: आप ₹4.5 लाख को म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं।

🔥 महत्वपूर्ण नोट:

यह रणनीति तभी काम करेगी जब आप 15 साल के निवेश के लिए प्रतिबद्ध (Committed) हों और इस लंबी अवधि के लिए रुक सकें। ज़रूरी नहीं कि हमारा अगला ब्लॉग FD पर ही हो। हम हमेशा अच्छे कंटेंट की तलाश में रहते हैं, और जैसे ही हमें कम समय में अच्छे रिटर्न की संभावना मिलेगी, हम उस पर आपके लिए एक नया ब्लॉग लिखेंगे।

FD की सुरक्षा, निवेश का मुनाफा: 5-6 साल में लोन चुकाकर पैसे को 'फ्री' करने का रोडमैप

चलिए, इस अचूक रोडमैप को 15 साल की अवधि तक बढ़ाते हैं ताकि हम देख सकें कि 5-6 साल की आपकी सक्रियता से लंबी अवधि में कितना प्रभावशाली परिणाम मिलता है।
रोडमैप चरण 1: निवेश का शुरुआती चरण (1-5 साल)
पहले 5 सालों में, आप अपनी FD के ब्याज और अपनी जेब से थोड़ी अतिरिक्त राशि मिलाकर लोन की किस्तें चुकाते हैं। मान लीजिए कि 5 साल बाद, आप अपना पूरा ₹4.5 लाख का लोन चुका देते हैं।

5 साल बाद आपके पास क्या है?

 * पूरी तरह से चुकाया गया लोन: अब आप पर कोई कर्ज नहीं है।
 * FD की बढ़ी हुई राशि: आपकी ₹5 लाख की FD 5 सालों में टैक्स के बाद बढ़कर लगभग ₹6,60,302 हो जाएगी।
 * निवेश का मूल्य: आपका ₹4.5 लाख का निवेश 15% की दर से बढ़कर लगभग ₹9 लाख हो जाएगा।

रोडमैप चरण 2: अगला चरण (6-10 साल): जब निवेश 'फ्री' हो जाता है
अब आप पर कोई लोन नहीं है, इसलिए आपको कोई किस्त नहीं चुकानी है। आपका ₹9 लाख का निवेश अगले 5 सालों तक बिना किसी दबाव के बढ़ता रहेगा।

10 साल बाद आपके पास क्या है?

 * FD की बढ़ी हुई राशि: आपकी ₹5 लाख की FD 10 साल बाद टैक्स के बाद बढ़कर लगभग ₹9,28,865 हो जाएगी।
 * निवेश का मूल्य: आपका ₹9 लाख का निवेश अगले 5 सालों में 15% की दर से बढ़कर लगभग ₹18 लाख हो जाएगा।
 * यह वह बिंदु है जहाँ आपका निवेश "फ्री" हो जाता है। आपने शुरू में जो ₹4.5 लाख निवेश किए थे, वह अब ₹18 लाख हो गए हैं, और आपको इस निवेश को रखने के लिए अब कोई लागत नहीं चुकानी पड़ रही है।

रोडमैप चरण 3: अंतिम चरण (11-15 साल): निवेश से मुनाफा और FD का प्रॉफिट
अब आपने अपनी FD को अगले 5 सालों के लिए टैक्स कटने के बाद की बढ़ी हुई राशि (₹9,28,865 ) पर रिन्यू कर दिया है। आपका ₹18 लाख का निवेश अगले 5 सालों तक और बढ़ेगा।

15 साल बाद आपके पास क्या है?

 * FD का अंतिम मूल्य: FD पर 15 साल में लगा सभी टैक्स काटने के बाद, इसकी अंतिम राशि लगभग ₹13,76,596 हो जाएगी। यह वह शुद्ध राशि है जो आपके पास बची, जिससे आपका मूलधन 100% सुरक्षित रहता है।
 * निवेश का मूल्य: आपका 18लाख का निवेश 15% की दर से बढ़कर लगभग ₹36,54,499 हो जाएगा।
निष्कर्ष: इस 15 साल की रणनीति के अंत में, आपका मूल ₹5 लाख न केवल पूरी तरह से सुरक्षित रहा, बल्कि अनुमानित रिटर्न दर पर इसने आपको लगभग ₹50,31,095 (FD का अंतिम मूल्य + निवेश का अंतिम मूल्य) का जबरदस्त मुनाफा दिया।
💰 अंतिम शुद्ध मुनाफ़ा: कैपिटल गेन टैक्स का प्रभाव
चूंकि आपने यह निवेश 12 महीने से ज़्यादा समय के लिए रखा, इसलिए इस पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स लगेगा। आपने निवेश से कुल ₹32,04,499 का लाभ कमाया। LTCG के नियम के तहत, ₹1 लाख तक का लाभ टैक्स-फ्री होता है। इसलिए, बाकी ₹31,04,499 के मुनाफ़े पर 10% की दर से टैक्स लगेगा, जो लगभग ₹3,10,450 होता है। इस टैक्स को काटने के बाद, आपके निवेश का शुद्ध अंतिम मूल्य लगभग ₹28,94,049 बचता है। FD का अंतिम मूल्य (₹13,76,596) और शुद्ध निवेश मूल्य को मिलाकर, आपको लगभग ₹42,70,645 का अंतिम शुद्ध लाभ मिलता है।अब आपके हाथ में ₹42,70,645 होंगे। याद रखें, यह आपका शुद्ध लाभ नहीं है। यह राशि शुरुआत में आपके द्वारा FD में निवेश किए गए ₹5 लाख और ₹4.5 लाख के लोन तथा उस पर चुकाए गए ब्याज सहित सभी खर्चों को मिलाकर प्राप्त हुई है। ₹32,04,499 का लाभ निवेश से मिला वास्तविक शुद्ध मुनाफ़ा है। यह वह राशि है जो लोन के मूलधन (4.5 लाख) और उस पर लगे ब्याज (5 सालों में) को पहले ही काटने के बाद बाज़ार से आपकी वास्तविक कमाई है। 
🛡️ FD का सुरक्षा जाल: निष्क्रियता से घाटा और सक्रियता से लाभ

यह समझना आवश्यक है कि FD पर लोन लेने की रणनीति तभी सफल है जब आप सक्रिय रूप से लोन को मैनेज करते हैं। नीचे दी गई तीन स्थितियाँ लोन चुकाने की अवधि के आधार पर नुकसान और मुनाफ़े का अंतर स्पष्ट करती हैं:
📉 स्थिति 1: 15 साल तक निष्क्रिय रहने का परिणाम
यदि आप 15 साल तक लोन नहीं चुकाते हैं, तो FD से हुई कमाई (टैक्स के बाद) लोन पर लगे ब्याज को पूरी तरह कवर नहीं कर पाती। आपको लगभग ₹1,19,400 का शुद्ध वित्तीय घाटा होता है। यह सिद्ध करता है कि FD पर लोन लेकर उसे 15 साल तक चुकाए बिना छोड़ना एक असफल रणनीति है
⚠️ स्थिति 2: अत्यधिक लंबी अवधि में भी लाभ (निष्क्रियता)
अत्यधिक लंबी अवधि का नोट: हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि अगर आप इस अवधि को 15 साल से बढ़ाकर 25 साल कर देते हैं, तो FD की सुरक्षा और उसकी चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति के कारण, निष्क्रियता की स्थिति में भी आपको सभी लोन ब्याज काटने के बाद ₹9.5 लाख से अधिक का शुद्ध लाभ मिलेगा। यह FD की दीर्घकालिक शक्ति को दर्शाता है और यह सिद्ध करता है कि निष्क्रिय रहने पर भी आपको घाटा नहीं होगा।

🚨 कानूनी तौर पर अंतिम समय सीमा का नोट:🚨

आपको इस 25 साल के मुनाफ़े के भ्रम में नहीं रहना चाहिए। बैंक आपको लोन चुकाने के लिए 25 साल का समय नहीं देंगे, क्योंकि अधिकांश FD की अधिकतम अवधि 10 साल होती है। यदि आप FD की मैच्योरिटी (Maturity) तक अपना लोन नहीं चुकाते हैं, तो बैंक आपकी FD को सीधे जब्त (Foreclose) करके अपना लोन चुका सकते हैं। इसलिए, चाहे कुछ भी हो जाए, 5-6 साल का नियम सबसे अच्छा है, लेकिन FD की मैच्योरिटी से पहले लोन चुकाना अनिवार्य है।
🚀 स्थिति 3: शुद्ध लाभ का क्षेत्र (6 साल में चुकाने पर)
यहीं पर आपकी रणनीति पूरी तरह सफल हो जाती है। यदि आप अपनी मेहनत और म्यूचुअल फंड की कुछ शुरुआती कमाई का उपयोग करके 6 साल में लोन चुकाते हैं:
परिणाम: 6 साल में FD से हुई शुद्ध कमाई और लोन पर चुकाए गए ब्याज की अंतिम गणना के बाद, आप सभी खर्चों को कवर करते हुए, अपने मूल ₹5 लाख के ऊपर, शुद्ध लाभ के रूप में लगभग ₹14,813 बचाते हैं।
यह गणना एक बड़ा प्रमाण है: यह सिद्ध करता है कि Worst-Case में भी (यदि म्यूचुअल फंड से कोई कमाई नहीं हुई), आप नुकसान में नहीं जाते, बल्कि छोटे मुनाफ़े में रहते हैं।
✅ अंतिम निष्कर्ष: सफलता की कुंजी
FD पर लोन लेकर निवेश करना तभी सबसे सुरक्षित और लाभदायक है जब आप लोन को एक छोटे पुल (bridge) की तरह इस्तेमाल करते हैं।
आपको लोन को हो सके तो 5 से 6 वर्षों में चुका देना चाहिए। इससे आपको कोई नुकसान होने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है और आप हमेशा प्रॉफिट में ही रहेंगे।
📊 10-वर्षीय लोन चुकाने का महा-लाभ: यदि आप FD की मैच्योरिटी समय सीमा का सम्मान करते हुए 10 साल के भीतर पूरा लोन चुका देते हैं, और निवेश को 25 साल तक होल्ड करते हैं, तो टैक्स कटने के बाद आपकी कुल शुद्ध अंतिम राशि लगभग ₹1 करोड़ 86 लाख 25 हज़ार (₹1,86,25,000) होगी। यह विशाल राशि तभी संभव है जब आपका शेयर बाज़ार या म्यूचुअल फंड से रिटर्न अनुमानित 15% की दर से मिले, क्योंकि FD से आपको शुद्ध रूप से केवल लगभग ₹15 लाख ही प्राप्त होते हैं।
🛑 अंतिम चेतावनी: मुनाफ़ा कमाने की न्यूनतम सीमा
लोन चुकाना केवल पहला कदम है। अगर आप लोन चुकाने के बाद भी अपने कुल निवेश की अवधि (Total Investment Tenure) 15 वर्षों से कम रखते हैं, तो आप हमेशा घाटे में रह सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि LTCG/STCG टैक्स, ब्रोकरेज फीस और महंगाई आपके थोड़े से मुनाफ़े को खा जाती है।
यह चेतावनी उस स्थिति के लिए है जब शेयर बाज़ार या म्यूचुअल फंड से आपको कोई मुनाफ़ा नहीं मिलता और आपका निवेश शून्य हो जाता है। उस स्थिति में भी, FD की सुरक्षा के कारण आपका कुल मूलधन शून्य नहीं होता।
निष्कर्ष: लोन चाहे आप 1 दिन में चुका दें, लेकिन निवेश को कम से कम 15 साल तक होल्ड करना ही इस रणनीति की अंतिम और सबसे बड़ी कुंजी है। 15 साल से कम की अवधि में, आपका जोखिम नियंत्रण से बाहर हो सकता है।

इस रणनीति में शामिल जोखिमों को समझें

यह रणनीति बहुत स्मार्ट है, लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि इसमें कुछ जोखिम भी हैं:
 * बाज़ार का जोखिम (Market Risk): म्यूचुअल फंड और शेयर बाज़ार में निवेश बाज़ार के उतार-चढ़ाव के अधीन होता है। 15% का रिटर्न गारंटीड नहीं है। आपका वास्तविक मुनाफ़ा कम या ज़्यादा हो सकता है।
 * लोन पर सुरक्षा: FD पर लिया गया लोन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसकी ब्याज दर निश्चित रहती है और बाज़ार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं होता।
 * प्रक्रिया शुल्क (Processing Fee): FD पर लोन लेने पर कई बैंक प्रोसेसिंग फीस भी लेते हैं, जो आपके शुरुआती मुनाफ़े को थोड़ा कम कर सकती है।

🔥 एक बड़ी वित्तीय चेतावनी: परिवर्तनशील (Floating Rate) लोन 🔥

हम आपको एक और तरह के लोन के बारे में बताना चाहते हैं, जिसका उपयोग निवेश के लिए कभी नहीं करना चाहिए:
परिवर्तनशील ब्याज दर (Floating Rate) वाले लोन जैसे कि होम लोन या पर्सनल लोन, बाज़ार के सीधे संपर्क में होते हैं।
 * जोखिम: इनकी ब्याज दर निश्चित नहीं होती है। अगर बाज़ार की दरें बढ़ती हैं, तो आपकी लोन की किश्त (EMI) भी तुरंत बढ़ जाती है।
 * निवेश में खतरा: ऐसे लोन लेकर निवेश करने पर, बाज़ार में मंदी आने पर आपकी कमाई कम हो जाएगी, जबकि लोन की दर बढ़ जाएगी। परिवर्तनशील दर वाले सभी लोन से निवेश के मामले में जितना हो सके दूर रहें।

टैक्स पर जानकारी

🚨 FD से हुई कमाई पर लगा कुल टैक्स (₹2,19,149)

हालांकि यह मुनाफ़ा बहुत बड़ा है, एक बात पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है: FD से हुई कमाई पर आपको भारी टैक्स चुकाना पड़ा है!
15 साल की अवधि में, FD के ब्याज पर (जिसे हर साल आपकी आय में जोड़ा गया) आपने कुल ₹2,19,149 की एक बड़ी राशि टैक्स के रूप में दी है।
यदि आप सिर्फ FD की तुलना में कम टैक्स देकर अपने मूलधन को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो एक टैक्स-कुशल (Tax-Efficient) विकल्प भी है।
हमने भारत बॉन्ड ईटीएफ (Bharat Bond ETF) जैसे एक बेहतरीन वित्तीय उत्पाद के बारे में विस्तार से बात की है: [FD से ज़्यादा सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न: सरकारी बॉन्ड ETF में निवेश का स्मार्ट तरीका]
अत्यंत ज़रूरी चेतावनी: FD के विपरीत, भारत बॉन्ड ईटीएफ एक अलग वित्तीय उत्पाद है जो लंबी अवधि में कारगर होता है और इस पर कोई लोन की सुविधा नहीं मिलती है। इस बात का ध्यान रखें कि FD पर ही लोन की सुविधा उपलब्ध है।
 * FD पर मिलने वाला ब्याज: इस पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है
 * म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई: इस पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है।
   अगर आप अपने निवेश को 1 साल से पहले बेच देते हैं, तो उस पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स लगता है, जिसकी दर 15% है।
   अगर आप अपने निवेश को 1 साल बाद बेचते हैं, तो उस पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स लगता है। ₹1 लाख तक के मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगता, और ₹1 लाख से ज़्यादा के मुनाफे पर 10% की दर से टैक्स लगता है।
अंतिम निष्कर्ष: यह रणनीति FD की सुरक्षा और शेयर बाज़ार की ग्रोथ को एक साथ मिलाती है। आपका मूलधन और FD से जुड़ा लोन पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन मुनाफा बाज़ार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

इस रणनीति का सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ यह है कि यह आपको उस पैनिक स्थिति से बाहर निकालती है, जब आप बाज़ार में अपने पैसे को घटता हुआ देखकर डरते या रोते हैं, क्योंकि आपकी मूल बचत हमेशा सुरक्षित रहती है।

अंतिम विचार:
बाज़ार में हमेशा उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। किसी भी कंपनी के शेयर या म्यूचुअल फंड का चुनाव करने से पहले उस पर अच्छी तरह से रिसर्च करें।
FD आपको शून्य जोखिम वाला आधार देती है, जिस पर आप उच्च जोखिम वाला, ग्रोथ-केंद्रित निवेश कर सकते हैं।
यह भी सुनिश्चित करें कि आप हर महीने अपने निवेश पोर्टफोलियो का 1% से 2% हिस्सा जोखिम लेने के लिए तैयार रहें।
यह ब्लॉग आपको एक स्मार्ट और सुरक्षित निवेश रणनीति के बारे में जानकारी देता है। किसी भी तरह का वित्तीय फैसला लेने से पहले, आपको एक प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह लेनी चाहिए।
विशेष नोट: इस ब्लॉग में दी गई गणनाएं 20% टैक्स लैब को ध्यान में रखते हुए की गई है अगर आपकी इनकम ज्यादा है और आपका टैक्स स्लैब अधिक है जैसे कि उच्चतम मानक 30% तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी FD (केवल FD) भी 30% के Worst-Case टैक्स स्लैब में सभी लागतों (लोन ब्याज और मूलधन सहित) को कवर करके मुनाफ़ा दे, 6 साल में लोन चुकाना अनिवार्य है और FD को न्यूनतम 17 साल तक जारी रखना होगा।

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